मीनाक्षी अवस्थी 'छाया'
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
विषय........उपहार।
हवा, पानी ,फल,फूल शाक, ईश्वर प्रदत्त उपहार हैं,
इक घड़ी तनिक जो सोच ठिठक,हम पर कितने उपकार हैं।
नित्य मानना और सोचना, ये साधन सुविधाओं के,
अन्य जीव के श्रम देखें, अपने गिनिए उपहार हैं।
दिया मनुज तन, बुद्धि साथ में,तिस पर साधन शिक्षा के,
कितने ही आभार करूँ ,कम ,नित बढ़ते उपहार हैं।
वायुयान से पनडुब्बी तक,पथ संचालक नेक,
अनगिनती संचार के साधन, प्रतिपल बस उपकार हैं।
भोजन के उपकरण अनेकों, विधियाँ कितने रूप,
स्वाद भिन्न उपलब्ध सभी ये, सब अद्भुत उपहार हैं।
दूर न जाकर खुद में समझें, आपस के सँपर्क को,
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