Saturday, August 1, 2020

बिलासपुर से लक्ष्मण साहू 'निर्लिप्त ' की रचना- लक्ष्य

नाम -लक्ष्मण साहू 'निर्लिप्त '
जिला -बिलासपुर (छ.ग. )
विधा -छंद मुक्त 
विषय -लक्ष्य (विभावना अलंकार पुट )

सुन बंधु एक बात कहूँ, मैं तुम वो संतान सभी l
माया लक्ष्य या रचना, उसने की संधान अभी ll

              काया बन छाया हैं सुन्दर, 
              मूढ़ मति ये नही बुझते l
              लक्ष्य उनका हम बने खेल, 
              एक दूजे से हम जूझते ll

खोल दिया पट आवरण, भूल भुलैया में सब भटके l
रूप सदा अलग अलग, लक्ष्य   पाने जी अटके  ll

                बच्चे सबके गृह के लक्ष्य,                        
                उनकी घन असीम छाया l  
               टकटकी बांधे सब ही बैठे,                                         
               सब मन को ये खूब भाया ll

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...