रायगढ़ छत्तीसगढ़
विधा-छंद मुक्त कविता
विषय- गणेश चतुर्थी
आयो आयो
मेरे घर गणपति आयो
दुख दरिद्रता सब दूर भगायो
आज दिशाएँ मंगल गीत गायो
सुख सम्पति के दाता आयो
किस्मत खुल गए हमारो
निराशाओं को दूर भगायो
आशाओं के दीप जलायो
चहुँ ओर खुशहाली छायो
आज गणपति हमारे घर पधारो
चेहरों पर सबके मुस्कान है छायो
स्वागत की तैयारी सब कीजो
ढोल-नगाड़े भी खूब बजायो
आज हमारे गणराजू पधारो
आयो आयो
मेरे घर गणपति आयो
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