ग्राम- बुलाकी
जिला- रायगढ़ छत्तीसगढ़
विधा - कविता
शीर्षक- यादगार रक्षाबंधन
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यादगार रक्षाबंधन
(1)
कोरोना काल में आया है,
देखो, पारंपरिक त्यौहार।
द्वार-द्वारखुशियों का डेरा,
भाई बहन का अटूट प्यार।
(2)
आया है आज रक्षाबंधन का त्यौहार,
जैसे एक पंत दो काज।
राखी बंधेगी मास्क बटेगी,
यह है रायगढ़ पुलिसों का अभियान।
(3)
आया है सावन मास में देखो,
राखी का त्यौहार।
लाए हैं पुलिस वालों ने,
मास्क वितरण का सौगात।
(4)
नाचो गाओ खुशियां बनाओं,
राखी बांधो मास्क लगाओ।
सुरक्षित रहो घर द्वार,
आया है देखो, राखी का त्यौहार।
(5)
रक्षा सूत्र मास्क अभियान,
हो सफल, भाइयों तुम्हारा।
सभी जन का प्यार मिले,
यह दुआ है, नमन तुम्हारा।
(6)
जागृत हो, जागृत करो,
अभियान में भागीदारी बनो।
तब होगा मानव का उद्धार,
ना होगा मनु जीना दुश्वार।
(7)
पुणय पथ पर बढ़ते चलो,
होगी एक दिन जग में समाधान।
कर्मठ वीर तुम्हारी पहचान,
जग करे तुम्हारा सम्मान।
(8)
गर्व करेगी भारत माता,
नाज हो उसकी ,तुम हो शान।
हर मुश्किल में रखना भाइयों,
मांँ भारती का मान सम्मान।
(9)
धन्य है तुम्हारे पूर्वज,
उनके कर्मों का फल आया।
तुम्हारे जैसी बेटे पाकर,
मांँ का दिल हर्षाया।
(10)
अपना पराया दीवार तोड़कर,
सबको गले लगाना है।
खुश रहो, खुशियां बाँंटो,
जग में पहचान बनाना है।
(11)
आया सावन में राखी का पर्व,
खुशियाँं मनाओ भाई-बहना।
देख-देख मांँ भारती करे गर्व,
खुशियाँं छा जाए भारत में सर्वत्र।
(12)
कोरोना काल में आया है,
देखो पारंपरिक त्यौहार।
नाचो गाओ, खुशियांँ मनाओं,
आया है प्यार भरा त्यौहार।
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उर्मिला सिदार
रायगढ़(छ.ग.)
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