स्थान-----नवापाराखुर्द/सक्ती
जिला----जांजगीर -चाम्पा
राज्य---छत्तीसगढ
विधा- कविता (गणेश जी पर आधारित)
शीर्षक --गणपति देवा
व्याख्या ---कवि के द्वारा श्री गणेश जी की महिमा,उनकी कृपा एवं उनसे कोरोना विश्व महामारी से रक्षा करने हेतु निवेदन किया गया है ।
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: गणपति देवा
जय जय जय ,गणपति देवा ।
करें तेरी पूजा, मिले हमको मेंवा ।
आये चतुर्थी,जग म बिराजे ।
बुद्धी,मंगल,करने वाले काजे ।
माता पार्वती, पिता महादेवा ।
कोढ़ीन मांगे ,सुंदर सी काया ।
एक ही पल में, तुमने बनाया ।
बांझन की काटते, पुत्र केवा ।
लडुअन भोग,प्यारा तोहे ।
मुसक सवारी, मन को मोहे ।
काटो सकल विघ्न, करें सेवा ।
चाहे कोरोना देवा,नौ दो ग्यारह हो ।
आपतो सबके ,कष्ट निवारक हो ।
हाथों हाथ चढ़ाये, फिर हम कलेवा ।
आगे कुआं पीछे खाई, जीवन अब लागे ।
क्या होगा हमारा,अब बतादो प्रभु आगे ।
पीछे पड़ा हाथ धो,कोरोना जान लेवा ।
गिरधारी लाल चौहान
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