Saturday, August 22, 2020

जांजगीर-चांपा से गिरधारी लाल चौहान की रचना- गणेश जी

नाम----गिरधारी लाल चौहान
स्थान-----नवापाराखुर्द/सक्ती
जिला----जांजगीर -चाम्पा
राज्य---छत्तीसगढ

विधा- कविता (गणेश जी पर आधारित)
शीर्षक --गणपति देवा
व्याख्या ---कवि के द्वारा श्री गणेश जी की महिमा,उनकी कृपा एवं उनसे कोरोना विश्व महामारी से रक्षा करने हेतु निवेदन किया गया है ।
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: गणपति देवा

जय जय जय ,गणपति देवा ।
करें तेरी  पूजा, मिले हमको मेंवा ।

आये चतुर्थी,जग म बिराजे ।
बुद्धी,मंगल,करने वाले काजे ।
माता  पार्वती, पिता महादेवा ।

कोढ़ीन मांगे ,सुंदर सी काया ।
एक ही पल में, तुमने बनाया ।
बांझन की काटते, पुत्र केवा ।

लडुअन भोग,प्यारा तोहे ।
मुसक सवारी, मन को मोहे ।
काटो सकल विघ्न, करें सेवा ।

चाहे कोरोना देवा,नौ दो ग्यारह हो ।
आपतो सबके  ,कष्ट निवारक हो ।
हाथों हाथ चढ़ाये, फिर हम कलेवा ।

आगे कुआं पीछे खाई, जीवन अब लागे ।
क्या होगा हमारा,अब बतादो प्रभु आगे ।
पीछे पड़ा हाथ धो,कोरोना जान लेवा ।

गिरधारी लाल चौहान

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