जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़
विधा कविता
शीर्षक- संकट हरता गणपति बप्पा
संकट हरता गणपति बप्पा ***********************
गणपति बप्पा आवत हे,
संकट ल मिटावत हे।
संकट हरता सुख के कर्ता,
गणपति बप्पा आवत हे।
गणपति बप्पा के पधारे के,
चर्चा चारों धाम म हे।
फेर कोरोना महामारी के,
बप्पा के सामने का अौकात हे।
खबर बप्पा के आए के सुनके,
महामारी परेशान हे।
बप्पा के प्रताप ले,
महमारी कम होते जात हे।
गणपति बप्पा आवत हे,
संकट ल मिटावत हे।
पहिली सब मनखे मन,
परेशान रहिस महामारी के जाल ले।
सोना- जागना, खाना- पीना,
सब हराम राहिस ये महामारी के नाव ले।
फेर बप्पा के आए के खबर ल जानके,
कोरोना महामारी ह कानपगीस।
अऊ ये धरती ले अपन,
बिस्तरा बांधे मे भलाई जान लिस।
तभे रिपोर्ट म रोजे रोज,
कोरोना के प्रकोप कमतियावत बतावत हे।
गणपति बप्पा आवत हे,
संकट ल मिटावत हे......
सूर्य प्रकाश पाटिल
Very nice bhaiji
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteVery good
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