डॉ एन के सेठी
बाँदीकुई(दौसा)राज.
शीर्षक- बंशी बजाने वाला है
(मनहरण घनाक्षरी)
बंसी बजाने वाला है
रास रचाने वाला है
कान्हा है गोकुलवासी
प्यार से बुलाइये।।
नंद का दुलारा है ये
सबका ही प्यारा है ये
कान्हा बड़ा नटखट
दिल मे बसाइये।।
माखन है जिसे प्यारा
दुनिया से जो है न्यारा
खेले ग्वाल बाल संग
हे गोपाल आइए।।
देवकी का नन्दन है
मस्तक का चंदन है
छवि है मनमोहिनी
मन में बिठाइए।।
हे मुरलीमनोहर
विश्वरूप ज्ञानेश्वर
मधुसूदन गोविंद
मुरली बजाइये।।
श्याम मदनगोपाल
विश्वरूप प्रतिपाल
मनमोहक छवि के
दरस दिखाइए।।
कृष्ण मदनमुरारी
हे मोरमुकुटधारी
राधागोविन्द गोपाल
अब तो आ जाइये।।
चक्रसुदर्शनधारी
मोहन बांकेबिहारी
मनमोहक छवि को
आंखों में बसाइये।।
डॉ एन के सेठी
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