Friday, August 7, 2020

दौसा राजस्थान से कवि डॉ एन के सेठी जी की कविता-अरु विश्वास

डॉ एन के सेठी
बाँदीकुई(दौसा)राजस्थान
विषय-  अरु विश्वास
                  (कुंडलिया)

आशा अरु विश्वास है, जीवन का आधार।
मन में रख सद्भावना,विजित करे संसार।।
विजित करे संसार,शांत हो जीवन अपना।
सभी  करें  सत्कर्म, करें  पूरा हर  सपना।।
कहता कवि करजोरि,करें हम दूर निराशा।
मन से तमस मिटाय,रखें हम मन मेंआश।।१।।

बाधा  सारी  पार  कर, मंजिल करते  पास।
घोर निराशा त्यागकर,रखें सभी हम आस।।
रखें  सभी हम आस, हृदय में हो उजियारा।
आशाओं का दीप, मिटे मन का अँधियारा।।
कहत नवल करजोरि,सभी जन बोले राधा।
आस  और  विश्वास,  मिटाए  सारी  बाधा।।२।।

आशा हो मन में अगर, आ  जाता  है जोश।
करता अपना कर्म है, भर जाता  है  कोश।।
भर जाता है कोश, आय जब  ताकत सारी।
होवे आत्मप्रकाश,मिले खुशियाँ भी प्यारी।।
कहत नवल करजोरि, होय सब दूर हताशा।
मन में रख विश्वास,रखो इस पर ही आशा।।३।।

               ©डॉ एन के सेठी

6 comments:

  1. सुन्दर अभव्यक्ति

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  2. आम आदमीAugust 7, 2020 at 10:16 PM

    मन में हो विश्वास,रहे सदा सद्भावना
    जन जन से करते सभी ये कामना

    ReplyDelete

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