निवास भरदाकला (खैरागढ़)
जिला- राजनांदगाँव (छ. ग.)
विषय - गणेश वंदना
विधा - मुक्त
शीर्षक - हे गजाननं महाराज
हे गजाननं महाराज ,
घर पधारे हो आज !
विघ्नहर्ता विघ्न हरो ,
संवारो बिगड़े काज !!
रिद्धि-सिद्धि के तुम हो स्वामी ,
सारे जगत के अंतरयामी !
गण के पति हे गणपति ,
हर दो क्लेश हमारे आज !!
"अंधे की लाठी" तुम हो ,
गुंगे गाते हैं फाग !
पंगु चढ़े गीरी गगन ,
बहरे की हो आवाज !!
"माला जपूँ"मै तुम्हारे नाम की ,
न लय है न राग !
मै अज्ञानी भाव भक्ति न जानूँ,
लगा है "चोला में दाग" !!
दूजराम साहू
Very nice
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