स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़
शीर्षक -"राम मंदिर"(श्लेष अलंकार)
विधा- छंदमुक्त कविता
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अयोध्या नगरी आज है सजी
आई है शुभ दिन की घड़ी
राम जी की बनेगी मंदिर बड़ी
बनने को तैयार है खड़ी
भूमि पूजन का शुभ मुहूर्त
पंच अगस्त का दिन है शुभ
बरसों बाद आएंगे रघुनंदन
निज धाम पधारेंगे श्री राम
युगों से था जो सपना
साकार होगा जो अपना
धन्यवाद है मोदी जी को
कर्तव्य निष्ठता बताये जो
सरयू के तट सदा विराजेंगे
पंच परमेश्वर श्री राम
सबका लगाएंगे बेड़ा पार
पापियों का होगा उद्धार
अब के जो हठधर्मी आये
गड़बड़ करते जो दिख जाये
पंच तत्व में मिलेंगे प्राण
हम ले लेंगे उनकी जान
श्लेष अलंकार -:
राम -:नाम, शक्ति,ईश्वर
Jai Siya Ram....🙏🙏
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