Friday, August 14, 2020

महासमुन्द से विनोद कुमार "जोगी" की रचना- स्वतंत्रता दिवस

रचनाकार :- विनोद कुमार "जोगी"
जिला :- महासमुंद
विषय :- स्वतंत्रता दिवस
विधा :- छंद मुक्त कविता

#######################

आजादी का जश्न मनाएं,
राष्ट्र ध्वज फहराएंगे।
मिलकर बांटेंगे प्यार सभी को,
गीत खुशी के गाएंगे।

यह जश्न सुहाना स्वतंत्रता का,
यह दिन जब हमें आजादी मिली।
मुर्झाते बगिया में इसी दिन,
सुंदर सुगंधित सुमन खिली।

हां जरुर हमने गुलामी में,
चमक राष्ट्र का खोया है।
एक दिन पुनः वह चमक मिलेगी,
यह सोच नवल बीज बोया है।

अस्त हुए कई सूरज जग में,
नव सूर्योदय की आस लिए।
झोंकी अपनी तन मन धन,
आजादी की आस लिए।

है आस हमें नन्हें बच्चों से,
जिनके कर में भविष्य है।
ऊर्जावान युवाओं के संग,
सुन्दर दिखता दृश्य है।

आजादी का जश्न मनाते,
प्रण उनको दिलवाएंगे।
आजादी का जश्न मनाएं,
राष्ट्र ध्वज फहराएंगे।

#######################

व्याख्या :- उपरोक्त पंक्तियों में रचनाकार ने आजादी के पावन पर्व में देश भर में बने जश्न के माहौल का वर्णन किया है। 
अंत में बच्चों को राष्ट्र का भविष्य बताकर उज्जवल भविष्य की कामना की है।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...