०२. जिला/राज्य :- *रायपुर (छत्तीसगढ़)*
०३. शीर्षक :- *बंधु अनन्य*
०४. विधा :- मुक्तक (असम अलंकार )
*बंधु अनन्य*
रक्त जुड़े संबंध सब,
जब पीछे हट जाएँ |
नेह की डोर से बंधे हुए
मीत ही साथ निभाएँ ।
मीत ही साथ निभाएँ ,
न इन -सा दूजा कोई ।
इस विधि करें मिताई ,
हो जैसे पूजा कोई ।
बंधु मिले अनन्य ,
कि जैसे जन्मों के अनुबंध
पीछे रह जाएं सारे
रक्त जुड़े संबंध ।।
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*असम अलंकार*
# न इन -सा दूजा कोई
# बंधु मिले अनन्य
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