रायगढ़, छत्तीसगढ़
विषय-दर्शनशास्त्र ( दीपक अलंकार)
विधा-मुक्त छंद
शीर्षक- जीना सिखाता है दर्शन
जीवन को देखने का नजरिया
सिखाता है दर्शन
नीति और ज्ञान की बातें
बताता है दर्शन
सच और झूठ के फेर में पड़े
आत्मा और परमात्मा के भंवर में फंसे
मन की उलझनों को
सुलझाता है दर्शन
ज्ञान और विज्ञान की भेद मिटा
तर्क-वितर्क और लाभ-हानि
में पड़े मनुष्य को मनुष्य से
मिलवाता है दर्शन
इस धरा ने अनेकोनेक दार्शनिक दिए
उन्ही के पद चीन्हों में चलना
और मानव को मानवता का
पाठ पढ़ाता है दर्शन
मंदिर -मस्जिद के फर्क समझा
प्रभु और ईश के दर्शन करा
मन के अंधकार को
मिटाता है दर्शन।
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