दिन _सोमवार
रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
शीर्षक _जीने की सीख
सूरज की रौशनी
उजियारा फैलाती है |
कितना भी कठिन हो रास्ता
चलना सीखाती है
कोई भी मुशीबत आये |
ना घबराना कभी
ये मुशीबत ही उम्मीद से
जीना सीखाती है |
कहता है हर दिन |
जीयो जी भर |
ये आज तुम्हारा है |
मैं कह नहीं सकता |
कल का दिन कैसा हो |
जी ले जिंदगी जी भर
पल पल मे बदल जाता है
हर पल पर फिर नहीं
आता वही पल
रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर _ छ. ग.
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