Wednesday, August 26, 2020

रायपुर से एच-एस-अरमो की रचना- भारत

रचनाकार-एच-एस-अरमो "अरमान "
निवास-रायपुर ,छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक- ""भारत ""
विधा -कविता ।
=========$$$$$$========

   ¤||||•••☆भारत ☆•••||||¤
               *********

भारत धरा है,प्रायद्वीपीय रूप धरा,
शीर्ष में हिमालया,तीनों ओर सिंधु हिलोरा ।

कहीं हिमशिखर,कहीं है ऊंची-ऊंची पर्वतमाला,
घने वनों से आच्छादित,वन प्राणियों का रखवाला ।

धरा में बहती अविरल नद की धारा,
गंगा,ब्रह्मपुत्र,सतलुज की,विशालता-धरा ।

तीर्थस्थल,पर्यटन-स्थल,बसाहट धरा,
धरा,धरती,माँ,जननी-सा,कोख हरा ।

ठंडी,गर्मी और बरसात का हो फेरा,
धरा निखरे,फुलवारी,हरियाली,तपती धरा।

हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई,बसे इस धरा,
सब धर्मों की,सम्मानित स्थल,बनी ये धरा।

संत-मुनि-महात्माओं की,तपो धरा,
राजा-महाराजा,गढ़-किले,स्मारकों को धरा ।

भारत की थलाकृति,भौगोलिक छटा है  न्यारी,
जहाँ बसते जन-सैलाब,निर्भयता,उर्वरता है प्यारी।
********^^^^^^^^^*************

व्याख्या-उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि भारत की धरा की वैभवता व थलाकृति ,रूप धरा का वर्णन किया है ।धन्यवाद ।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...