रचनाकार श्रीमती रजनी शर्मा
जिला रायपुर छत्तीसगढ़
शीर्षक प्रभु राम
विधा। दोहा
प्रभु राम
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गावत गान मंगल ध्वनि जाकी।
मनोरथ शेष कछु नही बाकी।।
प्रभु सियाराम पग धर लेंहीं।
नयन लाभ सब सादर लेंहीं ।।
सकल कुल संग राम सिया ।
उर बिराजै मनहु जाकै पिया।।
सलिल सलिला बाहै तट सरयू।
कथा अनंत निस दिन कहयू ।।
सकल विश्व नित क्षण सुनिहौ।
मारूति नंदन करे रक्षा कहियौ।।
राम संग होही भारत राम राजा ।
अयौध्या कीन्ही पुण्य के काजा।।
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