Saturday, August 1, 2020

बुलंदशहर, उत्तरप्रदेश से कवयित्री प्रीति चौधरी"मनोरमा"जी की कविता- मुंशी प्रेमचंद

कवियत्री  -प्रीति चौधरी "मनोरमा"
पता -ग्राम लाड़पुर,
       तहसील स्याना,
जिला बुलन्दशहर (उत्तरप्रदेश

शीर्षक  -मुंशी प्रेमचंद(जयंती पर विशेष)


मुंशी प्रेमचंद जी हैं विख्यात कथा सम्राट,
साहित्य के क्षेत्र में इनका योगदान है विराट।
गद्य और पद्य दोनों ही विधाओं में इन्हें महारत हासिल,
साहित्य रूपी तन के ये हैं जैसे ललाट।

इकत्तीस जुलाई अठारह सौ अस्सी को हुआ जनम,
पिता अजायबराय,माँ आनंदी देवी के ये पुत्र थे अनुपम,
साहित्य जगत के थे ये एक मूल्यवान रत्न,
इनका अदभुद लेखन है उत्कृष्ट विधाओं का संगम।

रंगभूमि, कर्मभूमि, निर्मला,गोदान और गबन,
किया इन्होंने ऐसे ही उत्कृष्ट उपन्यासों का सृजन,
इनकी कालजयी कहानियों में आज भी परिलक्षित,
जीवंत हो उठता है तत्कालीन समाज और जीवन।

निज लेखनी से किया प्रेमचंद जी ने समाज का कल्याण,
मानो साहित्य की देह में फूँक दिए हो प्राण,
जातिवाद,अंधविश्वास, भ्रूण हत्या के ये घोर विरोधी,
कलम के बल पर किया कुरीतियों को निष्प्राण।

मुँशी प्रेमचंद जी हैं साहित्य सुधा के घन,
इनकी लेखनी पढ़कर,मुदित होता है अंतर्मन,
इनकी रचनाएँ हैं समाज का सच्चा दर्पण,
अविस्मरणीय, प्रशंसनीय है इनका लेखन।

प्रीति चौधरी "मनोरमा"
जनपद बुलन्दशहर
उत्तरप्रदेश
मौलिक एवं अप्रकाशित

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