Thursday, July 2, 2020

बलौदाबाजार से संतराम कुम्हार की रचना- छत्तीसगढ़ का गांधी

रचनाकार -  संतराम कुम्हार 
   जिला -  बलौदाबाजार (छ. ग.) 
   विधा -  छंदमुक्त कविता 
   विशेष - " श्लेष अलंकार का प्रयोग "। 
   शीर्षक  -  " छत्तीसगढ़ का गांधी "
  
   भाव - रचनाकार प्रस्तुत पंक्तियों माध्यम से  सुन्दर लाल शर्मा जी के कार्यों को प्रस्तुत करने की कोशिश किया गया है। 
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दुर्दिन में आँसू बनकर आज बरसने आई। 
घनीभूत पीड़ा भी स्मृति-सी छाई।।
आपकी महानता का बहुत आभार। 
आप थे महान संकल्पनाकार।। 
सत्य का लेके आये न्ई क्रांति। 
दूर किये सबकी मन की भ्रांति।।
सच्चाई की फैली हर तरफ आँधी। 
छत्तीसगढ़ के आप ही गाँधी।। 

खत्म किया छुआछूत की भावना। 
मंदिर में करे हरिजन भी आराधना।। 
हर तरफ आपका यशगान हो रहा। 
सत्य के नाम से पहचान हो रहा।। 
हरि की कृपा आप पर सदा रहेगा।
चरण प्रभू का निरंतर मिलेगा।। 
सच्चाई की फैली हर तरफ आँधी। 
छत्तीसगढ़ के आप ही गाँधी।। 

अमर रहेगा आपका हर योगदान। 
महापुरुष थे आप बहुत महान।। 
सिहावा जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व किया। 
कंडेल नहर सत्याग्रह का कार्य परिपूर्ण किया।। 
श्यामधन-सा सत्य व्यवहार। 
पवित्र पानी का करता बौछार।। 
सच्चाई की फैली हर तरफ आँधी। 
छत्तीसगढ़ के आप ही गाँधी।।

श्लेष अलंकार :--

** दुर्दिन - 1. बुरे दिन 2. बारिश के दिन। 
**घनीभूत - 1. मन की पीड़ा 2. मेघ बनी हुई। 
**हरि - 1. भगवान  2. बंदर। 
**श्यामधन - 1. राम 2. बादल। 

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