जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
शीर्षक - " ज्ञान का महत्व "
विधा - छंदमुक्त
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अज्ञानता का जो अंधकार मिटाता,
देता हमें है संज्ञान।
शैक्षिक हो या नैतिक हो,
हमेशा उपयोगी है ज्ञान।।
विद्या का हमेशा आदर करो।
सुस्वागतम उनका सादर करो।।
सत्य असत्य में फर्क समझाता।
सदाचार जो हमें सिखलाता।
समाजिक दिनचर्या में यह,
व्यवहार करना जो हमें बतलाता।।
अनुभव से ज्ञान का सागर भरो।
गुरूजनों का सदा आदर करो।।
भविष्य छात्रों की ये ही बनाता।
सफलता की बुलंदियों तक ये पहुँचाता।
करते पूरे सपने सभी के,
मेहनत में जो जी जान लगाता।।
कोशिश तुम दिन रात करो।
खुशियों की बरसात करो।।
ज्ञान विज्ञान से परिचित कराता।
नये नये अविष्कार कराता।
मानव पीढ़ी को नया युग देकर,
वर्तमान में भविष्य का दर्शन कराता।।
न दुरुपयोग कभी ज्ञान का करो।
बेरंग दुनिया में नई उमंग भरो।।
मानवता का यह पाठ सिखाता।
अंधविश्वास को दूर भगाता।
अहंकार भाव को ये मिटाकर,
विश्व बंधुत्व की राह बताता।।
विकास का नवनिर्माण करो।
जग में अमर तुम नाम करो।।
जानवर से जो इंसान बनाता।
दया धर्म और संस्कार सिखाता।
स्वर्ग का पता पूछने पर,
माँ-बाप के चरणों में पूरा संसार बताता।
इनके खुशियों का तुम ध्यान रखो।
ईश्वर से बढ़कर इनका स्थान रखो।।
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Nice sir ji ..AS
ReplyDeleteThannku
DeleteNice ji��
ReplyDeleteThank you so much ji
DeleteMaind bloing
ReplyDeleteTq
DeleteTq
ReplyDeleteTq
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