जिला -बिलासपुर (छ. ग. )
विधा -स्वतंत्र
विषय -जीवन
जन्म से मृत्यु के बीच का मनन,
सब तन, सब मन चलते वचन l
प्रादुर्भाव, विकास, प्रशस्त, चरन,
जीवन का यही संयोजित चलन ll
सुख और दुख का ताल मेल बुन,
दोनों के बीच बने सांस फ़ांस चुन l
भारी पलड़ा किसका रहता ये गुन,
जीवन निज ताल लय निबद्ध सुन ll
सुबह से शाम के बीच की घटना,
अनगिनत, अथक मचलते रहना l
अंतर्द्वंद्व, मनभेद सभी से रहना,
जीवन सचमुच ही धरा का गहना ll
कर्म, धर्म तप संयम अनुशासन बल,
सब मिलजुल कर मान बढ़ाते सबल l
सुसज्जित, सफलतम मनोनीत पल,
जीवन कहे सब मे बसे ईश ही हल ll
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