Saturday, July 25, 2020

बलौदाबाजार से पुनीत राम सूर्यवंशी की रचना- गांव

रचनाकार-पुनीत राम सूर्यवंशी 
जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा 
शिर्षक - मोर नदी तीर गांव 
विधा-छंद मुक्त रचना 
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अमरईया के छांव म मोर नदी तीर गांव।
सुघ्घर बसे हाबय मोर नदी तीर गांव ।।
गांव के चारो कोति रुख-राई ले लह लहारावत, 
जिंहा चिरई चिरगुन के बोली ले चह चहावत। 

अमरईया के छांव म............ 
लईका मन खेलय अमरईया म घर-गुंदिया, 
जिंहा बनावय अपन मया-परेम के भिथिया। 
मोर गांव के मनखे मन गावय सुआ करमा पंथी ददरिया, 
जांगर टोर करथे जम्मो कोनो खेती किसानी भईया। 

अमरईया के छांव म............. 
नदिया के खेड़ तीर-तीर म चरावय बरदिहा बरदी ल, 
नदिया के बोहात पानी म चलावय ढोगहार ढोगा ल।
मोर गांव लागे जइसन कन्हैया के गांव बिंदाबन, 
चारो कोति ह दिखय मन ल हरईया जस मधुबन ।
अमरईया के छांव म................ 

    

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