Tuesday, July 21, 2020

रायगढ़ से उर्मिला सिदार जी की कविता:-मेरे ख्वाबों की दुनिया

रचनाकार -उर्मिला सिदार
ग्राम -बुलाँकी
 जिला -रायगढ़ (छत्तीसगढ) विधा -कविता
शीर्षक - "मेरी ख्वाबों की दुनिया"
*************************
 मेरे ख्वाबों की दुनिया

 जहांँ सुख समृद्धि हो,
 भाव से भरा परिवार,
 अटूट बंधन बंधा रहे,
 बिखरे  ना   परिवार।

 संबंधों में विश्वास भाव,
 बना  रहे  हर  द्वार,
 एक दूसरे का सम्मान करें,
 बढे स्नेह भाव से प्यार।

 उदार से उपकारी बने,
 रहे सुख समृद्धि का वास,
 ऐसा  जग  हो  धरा  में,
 सब सुख चैन से जी पाए।

 काश
 मेरी ख्वाबों की दुनिया,
 मुझे सुकून  से मिल जाए,
 मेरी मन  की  ख्वाहिशें,
 सहर्ष   पूरी  हो  जाए।

*********************
 व्याख्या:- कवित्री इस कविता के माध्यम से वह ऐसी दुनियाँ की ख्वाब  देखती हैं जो सुख -समृद्धि से भरा हो और हर परिवार भाव, मूल्यों के साथ जीता हो ।भाव में अटूट बंधन हो और किसी का परिवार ना बिखरे ऐसा परिवार चाहतीं हैं ।परिवार में संबंधों में विश्वास बना रहे ।हर द्वार अर्थात हर परिवार में हर व्यक्ति एक दूसरे का सम्मान करें और स्नेह भाव से सभी पर प्यार बांटे ।उदार बन के उपकारी बने और सब परिवार में सुख समृद्धि बना रहे। वह ऐसे संसार का ख्वाब देखती हैं। जहांँ सभी मनुष्य का सुख चैन से जीना बन जाए और चाहती हैं कि काश मेरी ख्वाबों की दुनिया मुझे मिल जाए और मेरी मन की ख्वाहिशें  पूरी हो जाए ,ऐसा वह कामना करती हैं और ख्वाहिशे देखती हैं।

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...