Monday, July 20, 2020

कांकेर से मीरा आर्ची चौहान की रचना:- हरेली

रचनाकार-मीरा आर्ची चौहान
जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-हरेली तिहार
विधा-कविता (मुक्त छंद)

हरिहर -हरिहर दिखय संगी जम्मो कोति खेती-खार।
आगे देखव संगी हरेली छत्तीसगढ़ के पहली तिहार।।

बड़े बिहनिया राऊत बबा नीम डारा खोंचे बर आइस।
लोहार भ गया घर मुहाटी के चौखट म खीला ल गडाइस।।

नान्हें ल इका मन गेड़ी बनाइन 
दाई चीला राधिस।
रांपा कुदारी हंसिया टंगिया बबा
धो के लानिस।

डोकरा बबा होम जग देके पहली पूजा करथे,
चीला रोटी भोग लगाके नरियर ल फोडथे।

जुरमिल के सब झन माथ नवाथे जरयाथे परिवार।
आगे देखव हरेली संगी छत्तीसगढ़ के पहली तिहार।।

मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
___________________________

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...