संबलपुर,जिला-कांकेर
(छ. ग.)
शीर्षक :- शहीद
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~ • %● *मुक्तक* ●% • ~
नमन सैनिकों!तुम्हारे शहादत को नमन,
कैसे भूलूँ कुर्बानी को मेरा वंदन।
तुम अमर शहीद हुए अहले वतन पर आज,
सभी तुम्हारा करें,बारम्बार अभिनन्दन।
शहादत को क्या कहे तिरंगा लिपटा बदन,
शौर्य की आभा से चमक रहा था आनन।
आसमां भी शरमाया था तुम्हें देखकर,
हिमालां भी दहल उठा देख सभी का ठसन।
व्याख्या :- उपर्युक्त कविता में शहादत का
शौर्य का वर्णन करते हुए
नमन भाव प्रकट कर रहे है।
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर,( छ.ग.)
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