नाम -लक्ष्मण प्रसाद साहू
जिला -बिलासपुर (छ.ग. )
विधा -छंदउक्त
विषय -ख्वाब
ख्वाब देखना सबका अधिकार,
छोटे बड़े सभी सबका ये आधार l
नींव यही है अस्तित्व का जान लो,
बढ़ने को आगे कहता अविराम ll
आज हमारे सामने जो हैं आगे,
कितने ही हमसे श्रेष्ठ हैं निश्चित l
ऐसे ही वो नही बन गये साथी,
ख्वाब सजाया, निभाया होगा ll
ख्वाबों की अपनी दुनिया होती है,
अप्रतिम, अजेय, अथाह, निर्विघ्न l
हर मानव के अन्तस्थ रची, बसी है,
देता दस्तक हर पल हर दम अथक ll
दामन इसका थाम लो आ मानव हे,
मानवता के उत्थान, सम्मान गान को l
विश्व पटल पर जागृत करना, संवारो,
No comments:
Post a Comment