Tuesday, July 21, 2020

महासमुन्द से सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"जी की कविता:-जागते सपने

कवि- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
जिला-महासमुन्द(छत्तीसगढ़)
शीर्षक- जागते सपने
विषय- ख्वाब

नींद में देखे सपने कभी पूरे नहीं होते।
जागकर देखे सपने कभी अधूरे नहीं होते।
भले ही हर सपना पूरा न हो पाए मधुर।
मेहनत,लगन से हर सपने अधूरे नहीं होते।1।
सपने जीवन में उत्साह का संचार करता है।
सपनों को पूरा करने आदमी प्रयत्न करता है।
आदमी जब कभी अलग मुकाम पाता है।
सपने ही उसे दुनिया में सबसे अलग दिखाता है।2।

*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.)
मोब.- 8103535652
          9644035652
ईमेल- sldmadhur13@gmail.com

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...