Wednesday, July 22, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक की कविता:- जीवन

रचयिता- पुष्पा पटनायक 
स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 
शीर्षक -"जीवन"
विधा- छंदमुक्त कविता
********************
जीवन  जीने  की कला 
कहां  सबको  आती  है 
सुख-दुख इसके दो पहिए 
जीवन की गाड़ी चलती है ।

कोई रो-रो कर  जीता है 
कोई दुख में भी हंसता है 
हर पल खुशी तभी मिले 
जब कर्म अच्छा करता है ।

आशा रखो  तब  पाने की 
जब  देने  की  हो  आदत 
जीवन  सुखमय  हो जाए 
जब दुख सहने की हो ताकत।

जीवन के वन- उपवन में 
पुष्पा  के  रखो  कथन 
कभी  निराशा  ना  होगी 
जीवन बन जाएगा मधुबन ।

2 comments:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...