कवयित्री-कु.गरिमा पोयाम
स्थान-कांकेर(छ. ग.)
शीर्षक-मैंने पूछा जिंदगी से
विधा-छंदमुक्त कविता
"मैंने पूछा जिंदगी से"
मैंने पूछा जिंदगी से,
एक सवाल है तुझसे।
क्यों तुम अच्छे लोगों की
अधिक परीक्षाएं लेती हो?
खुशियां कम गम अधिक देती हो।
जिंदगी ने कहा,
ऊपर वाले ने मुझसे एक समझौता किया,
जिंदगी अच्छे बुरे दोनों को दिया।
बुरे को अच्छी जिंदगी दी,
ताकि शायद वो सुधर जाए।
अच्छे को बुरी जिंदगी दी,
ताकि जिंदगी की परीक्षा में,
उसका व्यक्तित्व और निखर जाए।
-कु.गरिमा पोयाम
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