नाम - देवव्रत कर शर्मा
पता - आवास पारा जैसा
कर्रा पोस्ट जैसा कर्रा चारामा जिला कांकेर छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक - यादों के ताने
कुछ तो बात होगी फ़िजा में
तेरे आने की आहट ना हुई ।
झरोखे पर बैठे ताकते रहे
पर कोई सरसराहट ना हुई ।।
कलरव से आंखें खुली मगर
नीड़ में कोई हलचल ना हुई ।
मंद मंद मुस्करा कर देखा तो
हंसी में कोई सनसनाहट ना हुई ।।
हर बार बातों को हंस के टाल देते
कभी तो किसी राह मुलाकात होगी ।
अक्सर कहते बादलों मे छुप कर
हो सकता है कि अब बरसात होगी ।।
सुखे खेत सुखे हैं दरिया बिन तेरे
कब तरस कर तुम बरस जावोगे ।
पपीहे की चाहत बुन्द स्वाति की
आरजू की अब तुम मिल जावोगे ।।
कमल कुमुद जुही चंपा और गुलाब
राग रंग लय ताल सूर के अंदाज है ।
हजारों पहरे है जमाने की नजरों के
पढ़ने को बाकी बस एक अल्फाज़ है।।
हर रात महकती खुशबू से भर लेते
तुम्हारे आने की आहट सुन लेते हैं ।
ख्वाब में ख्वाब सजाया करते कभी
बिसरी यादों के ताने को बुन लेते हैं ।।
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