जिला-महासमुन्द(छत्तीसगढ़)
शीर्षक-माँ भारती की संतान-कलाम
दिव्य राष्ट्र हिंदुस्तान के,थे सच्चे संत महान।
भारत के वीर पुत्र,माँ भारती के सच्चे संतान।
राष्ट्रभक्ति के जीते जी मिशाल, मिसाइलमैन कलाम।
अब्दुल कलाम जी थे भारत के गौरव अभिमान।1।
मेरी लेखनी कलाम का गुणगान लिख नहीं सकता।
उनके व्यक्तित्व सा किसी का व्यक्तित्व दिख नहीं सकता।
लौट आओ फिर से नव पीढ़ी नवयुवकों के ज्ञानकलश।
अब कोई मुझे आप सा प्रेरणादायी दिख नहीं सकता।2।
कौशल पुरुष कुशाग्र मृदुवाणी से मंत्रमुग्ध कर जाते थे।
हाजिरजवाबी,विज्ञान महारत भारत को विकास की राह दिखाते थे।
थे महामहिम अब्दुल कलाम,धन्य धरा भारत के संरक्षक।
दिव्यास्त्रों के पूज्यजनक जीवन जीने की कला सीखाते थे।3।
*सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"*
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