Saturday, July 4, 2020

कांकेर से गरिमा पोयाम की रचना- मानो या न मानो

कवयित्री-गरिमा पोयाम
कांकेर(छ. ग.)
शीर्षक:मानो या न मानो

मानो या न मानो
अंधविश्वास तो पाला है,
शुभ रंग सफेद
अशुभ क्यों काला है।
स्लेट पर लिखते सफेद से
दोनों का मेल कितना
निराला है।
गौमाता भी तो होती काली,
काले फूल का भी होता माली।
माँ काली का भी रंग काला,
मुरली वाले भी तो श्याम हैं।
देश में हमारे काले 
अंगूर भी खाना आम है।
मानो या न मानो
अंधविश्वास तो पाला है,
शुभ रंग सफेद
अशुभ क्यों काला है।
-कु.गरिमा पोयाम
कांकेर (छ. ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...