Monday, July 6, 2020

दुर्ग से अनुरमा शुक्ला की रचना- सावन

रचनाकार-अनुरमा शुक्ला
जिला -दुर्ग (छ.ग.)
शीर्षक-शिवजी का प्रिय ..सावन


सावन की रिमझिम ये फुहार,
बरसनें लगी अब बरखा बहार।

सुनो भक्तों श्रावण मास की महिमा,
शिवजी को विशेष प्रिय क्यों यह महीना..

माता पार्वती ने भोले शंकर को पाने कठोर तप सावन में किया,
शिवजी ने प्रसन्न हो तब पार्वती जी से  विवाह किया ।

भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक बसाने का विचार जब किया,
माता लक्ष्मी को रूष्ट होकर क्षीरसागर में तब समाना पड़ा ।

पृथ्वी लोक के वास्ते समुद्र मंथन का निश्चय हुआ,
देवता और असुरों ने मिल यह काम शुरु किया।
विष्णु देव ने मंदार पर्वत लाकर मथनी तब बनाई,
नाग वासुकी शिव कंठ से लेकर मजबूत रस्सी बना ली ।

निकला तब समुद्र से विष का एक घड़ा,
क्या देवता क्या असुर इसे लेने सब में भय था,
समस्त लोकों की रक्षा को तब शिवजी ने विषपान किया,
कंठ में धारण कर सारा हलाहल
बूंद ना कहीं गिरने दिया।

विष का असर कम करने को देवों ने तब जलाभिषेक किया,
इस तरह नीलकंठ को यह महीना अति प्रिय हुआ।

चलों करें महादेव की आराधना,
देश के कष्ट हरने प्रभु की प्रार्थना,
श्रद्धा-भाव से शिवलिंग पूजन करें
बेलपत्र, धतूरा,जल अर्पण कर दें,
प्रसन्न हो जाते भोलेनाथ शीघ्र ही,
मनोकामना पूर्ण करते अपने भक्तों की ।।

                         अनुरमा शुक्ला
                          दुर्ग (छ.ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...