निवास : सुंदर नगर,रायपुर (छ.ग.)
विधा : कविता (हाइकु)
१)
हाइकु माने
सतरह आखर
तीन तराने ।
२)
ना हो काफूर
चहकती गौरैया
चश्मे बद्दूर ।
३)
नयन कैंची
ऊंघतीं कतरनें
काटतीं रातें ।
४)
सूरज कांपे
सांझ की ठिठुरन
बादल ढांपे ।
५)
सावन आया
महादेव की माया
जग बौराया ।
६)
बरसे पानी
गगन है धुंधला
धरती धानी ।
७)
सूनी सड़कें
कोरोना गरियाए
सारे घर पे ।
८)
सीमा चौकस
आस्तीन में सांप
देश बेबस ।
९)
माँ से मीठी
बड़ी मधुरतम
उसकी यादें |
१०)
ओ चरवाहों !
लड़ मरेंगी भेड़ें
कोई तो आओ ।
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