जिला-कोरिया, छत्तीसगढ़
विधा - गीत
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तन मन भीगाएंगे इस बार सावन में
बूंदों संग गाएंगे इस बार सावन में
घूमड़- घूमड़ जब छाएगी बदरा
नाच उठेगा मनका मयूरा
प्यास बुझेगी धरती मां की
आस जगेगी सारे जहां की
खुशियां उगाएंगे इस बार सावन में
तन मन भीगाएंगे इस बार सावन में
बूंदों संग गाएंगे इस बार सावन में
बरसेगी जब बरखा रानी
इतराएगी नदिया दीवानी
शोर मचाएगी पूरवइया
छलक उठेंगे ताल तलइया
उत्सव मनाएंगे इस बार सावन में
तन मन भीगाएंगे इस बार सावन में
बूंदों संग गाएंगे इस बार सावन में
- बिजेन्द्र अहीर
बहुत सुंदर अहीर जी...
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