Friday, July 3, 2020

बलौदाबाजार से संतराम कुम्हार कृत लेख:- वर्तमान शिक्षा प्रणाली

रचनाकार -  संतराम कुम्हार 
   जिला -  बलौदाबाजार (छ. ग.) 
   विधा -  आलेख
   शीर्षक  -  " वर्तमान शिक्षा प्रणाली "

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किसी भी देश की विकास की पहिए को चलाने के लिए उस देश का आर्थिक स्थिति का मजबूत होना बहुत आवश्यक है और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए उस देश के नागरिकों का शिक्षित होना उससे भी अधिक आवश्यक है । कुल मिलाकर यह कहना उचित होगा कि किसी भी देश को आगे बढ़ने के लिए वहां की जनता का शिक्षित होना बहुत ही जरूरी है।
                शिक्षा प्रणाली कैसी हो इसका जाना अत्यंत आवश्यकता है वर्तमान में भारत की शिक्षा प्रणाली है क्या वह सही है या उसमें कुछ सुधार की आवश्यकता है आज भी भारत की शिक्षा प्रणाली सही रूप नहीं ले पाई है आज की वर्तमान पीढ़ी शिक्षा सिर्फ डिग्री के लिए पढ़ाई करते हैं ज्ञान के लिए नहीं क्योंकि नौकरी पाने के लिए यहां ज्ञान से ज्यादा सर्टिफिकेट को महत्व दिया जाता है। 
             भारत में आज भी प्रतिभावान छात्रों को अच्छे संस्थानों में एडमिशन नहीं मिलता बल्कि उनकी जगह अमीरों के लड़के सिफारिशों के दम पर उनकी स्थान पर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो उन प्रतिभावान छात्रों के भविष्य के क्या होगा क्या मतलब है से प्रतिभावान छात्रों का मेरिट लिस्ट जमाना जो उन्हें एक अच्छे संस्थान में एडमिशन नहीं करा सकती।
          आज के समय में एक प्रतिभावान छात्र को नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है जबकि एक कम योग्यता वाला छात्र अपनी आरक्षण के दम पर आज उसकी नौकरी एक अच्छे संस्थान में लग जाती है तो क्या मतलब उस प्रतिभावान छात्र का जो इतनी मेहनत करके मेरिट लिस्ट में स्थान बनाया था क्या उसकी मेहनत आरक्षण के आ गए कम पड़ गई जोकि उसकी योग्यता को नजरअंदाज करके आज एक कम योग्यता वाले छात्र को नौकरी देना पड़ता है।
 वर्तमान परिवेश में शिक्षा प्रणाली को परिवर्तित करने की अत्यंत आवश्यकता है ताकि एक गरीब परिवार का प्रतिभावान छात्र भी एक अच्छी जगह पहुंच कर देश को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दे सकें।

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