जिला -बिलासपुर (छ.ग. )
विधा - छंदमुक्त
विषय -सफर
जिंदगी को समझ लो इंसान,
एक सुनियोजित सफर संधान l
यही सच, नही बनो तुम अंजान,
सुन, गुन अब हे मनुज संतान ll
शुरू हो गया जो, यहाँ एक बार,
रुके न कभी कहीं, समझ सार l
आएंगे जायेंगे सदा, उजाड़ बहार,
जीवन सलोना, एक सफर करार ll
आओ निज का, करो पहचान,
सबसे यह पावन, परम गुह्य ज्ञान l
राही सभी हैं, मैं, तुम,वो सही मान,
मंजिल सफर का हो अमरत्व गान ll
बस एक सम बात सब जान लो,
सफर सार्थक बने तभी ध्यान दो l
शिकवे गीले बिन हर नाम शाम हो,
चिरंतन, शाश्वत लक्ष्य प्रभु नाम हो ll
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