**********************************
प्रवीण कुमार ठाकुर
जिला - राजनंदगांव , छत्तीसगढ़
शीर्षक -- एक शब्द दो अर्थ
विद्या -- कविता (श्लेष अलंकार)
**********************************
बाला पहनी , सुंदर दिखती ,
गोरी है वर्ण , सुंदर दिखती ।
सोना वक्त को खोना ,
मिलना मान को खोना ।
प्रकृति सन्ताप है घटा ,
बरसे अम्बर पर काली ।
नीति अच्छी बेटा बेटी है ,
दो शिक्षा संस्कार अच्छी ।
प्रभु मेरी भव बाधा हर ,
विपदा , संकट दूर कर ।
*********************************
बाला - कान का आभूषण ,
कन्या ।
गोरी - वर्ण , लड़की ।
सोना -- शयन , एक धातु ।
घटा -- बादल , कम होना ।
दो -- संख्या , देना ।
हर -- कम कर , प्रत्येक ।
*********************************
रचनाकार
प्रवीण कुमार ठाकुर
*********************************
No comments:
Post a Comment