रायगढ़ ( छत्तीसगढ़)
विधा-सायली
शीर्षक- अमृतदायिनी
नदी
कल-कल
जब तू बहती
आवेग में
मदमाती
नदी
हरियाली बन
खेतों पर लहराती
मुस्कान बन
मुस्काती
नदी
तुझ- बिन
असम्भव सा है
ये जीवन
जीवन दायिनी
नदी
तू सबकी
नैया पार लगाती
अमृत देती
अमृतदायिनी
नदी
शीतलता देकर
दुख चुपचाप सहती
माता-सी
जगतजननी।
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