Wednesday, July 29, 2020

बिलासपुर छत्तीसगढ़ से कवयित्री मीनाक्षी अवस्थी"छाया"जी की कविता- अधूरापन

मीनाक्षी अवस्थी 'छाया'
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
 विषय......अधूरापन
    
पूर्णता अँत का द्योतक,अँत तोअँत होता है,
 पूर्ण की ओर बढ़ने का,सदा उत्साह होता है।
  कुछ बाकी रहे हरदम,वही इक लक्ष्य अपना हो,
  कमी पूरी करेंगे हम, हमेशा एक सपना हो।
 कभी घबराईए मत,गिन के अपनी शेष कमियों को,
  न विचलित होईए , खोती समय की शेष कड़ियों को।
 यही उत्साह कारी हैं, बनें उत्थान कारी हैं,
 शिथिल होने नहीं देता,अधूरापन हमारा है।
 अधूरा इसको मत कहिए,उमंगों की ये धारा है,
 अभी तो दौड़ है बाकी , ये 'छाया' बन सहारा है।

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