Saturday, July 25, 2020

जशपुर छत्तीसगढ़ से पुष्पेंद्र शुक्ला"पुष्पराज"जी की कविता:- यादें

नाम-पुष्पेन्द्र शुक्ला "पुष्पराज"
 जशपुर छत्तीसगढ़
विषय-*यादें*

वक्त गुजरता है,यादें बढ़ती है,
कुछ जो कर गुजरे हैं, वो याद आती है।
पर हर शख्स ये जानता है,
कि बढ़ती उम्र, यादें बढ़ा जाती है।।
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कोई साथ न होता है जब,
तब ख्यालों की बारिश होती है।
तन्हाइयों में भी ढूंढती है आंखें,
बीते हुए पल क्यूं,न खारिज होती है।।
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जिंदगी की राहों में आगे बढ़ते हुए,
रुक जाए गर,कदम चलते हुए।
बीते कल सोचेंगे,जरा कमी आकेंगे,
कमियों को दूर कर,सपने भी सजायेंगे।।
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सपनें पूरे हों, ये कह नहीं सकते,
पूरी हो तो ठीक,न हो तो सह नहीं सकते।
मन घूमता है, यादों के बवंडर में,
और तन बदलता है,समय के समुन्दर में।।
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     **पुष्पेन्द्र शुक्ला "पुष्पराज"
         जशपुर छत्तीसगढ़

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