संबलपुर, कांकेर,(छ. ग.)
विषय-अब्दुल कलाम
*अब्दुल कलाम*
अब्दुल कलाम सचमुच कमाल के थे,
सच कहूँ तो वो गुदड़ी के लाल थे।
देश के सर्वोच्च पद से नवाजे गए थे,
वो मिसाइल मेन कमाल के थे।
देश के लिए समर्पण भाव था,
सब कुछ देश पर अर्पण करने को तैयार थे।
निर्धन के घर में जन्में,बुद्धि से महान थे,
देश सेवा और विकास के लिए चलाएं अभियान थे।
देश के सपनों को ऊँचाई देने वाले नई उड़ान थे।
नई सोच,नए आयाम देने वाले,
देश भक्ति के सच्चे मशाल थे।
महामानव,विज्ञान पुरुष ,सच्चे इंसान थे,
अन्वेषण कर्ता है सलाम के सच्चे हकदार थे।
*व्याख्या*-उपरोक्त कविता में देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के बारे में बताया गया है।वी महामानव,विज्ञान पुरुष और सच्चे इंसान थे।
नलिनी बाजपेयी
संबलपुर, कांकेर, (छ. ग.)
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