जिला- कोरिया, छत्तीसगढ़
विधा- गीत (भक्ति)
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कल कल जब तू बहती है जीवन मिलता है प्राणियों को
कर ले जो आचमन तेरा तो मुक्ति मिलती है पापियों को
तू पालनहार है तू ही है खेवईया
जय जय जय सुर सरिता जय हो जय गंगा मैया
महिमा न जाए तेरी बखानी
पावन है गंगे मां तू और तेरा पानी
बनके गंगा मैया तू धरती पर बहती
पाताल लोक में तू है प्रभावती
और गगन में तू मंदाकिनी
पावन है गंगे मां तू और तेरा पानी
महिमा न जाए तेरी बखानी
पावन है गंगे मां तू और तेरा पानी
यश तेरा गावें मां शेष और सारद
पाकर तुझको धन्य है यह भारत
तू फलदायनी तू पापनाशिनी
पावन है गंगे मां तू और तेरा पानी
महिमा ना जाए तेरी बखानी
पावन है गंगे मां तू और तेरा पानी
बिजेन्द्र अहीर
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