Wednesday, July 8, 2020

रायगढ़ से पुष्पा पटनायक की रचना- हरियाली

रचयिता- पुष्पा पटनायक 
स्थान-बनाई तमनार, रायगढ़ 
शीर्षक -"हरियाली"
विधा- छंदमुक्त कविता
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हरियाली मां धरती हरियाये 
पर्रा  भर  लाई  छरिआये

देवलास  म  झुपे  देवता 
आनी  बानी के गोठियाये
दोना -दोना बाटे परसाद 
नरिहल के कुढ़ा गदाये

हरियाली मां धरती हरियाये 
पर्रा  भर  लाई  छरिआये

मुहटा  मुहटा बूल-बूल के 
अबड़   पूजा  ला  पाये
तेलिन संग दुर्गा घलु आये 
कोडा धर रक्सा कोड़ियाये

हरियाली मां धरती हरियाये 
पर्रा  भर  लाई  छरिआये

पानी  गिरे चिखला होये 
अउ सबों  इमा सनाये 
घूमे बर आ जाइहो संगी 
अउ नई  सकों  बताये

हरियाली मां धरती हरियाये 
पर्रा  भर  लाई  छरिआये

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