रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
शीर्षक -संस्कार जीवन आधार
संस्कार ही जीवन आधार है |
इससे बच्चों का होता उचित विकास है |
संस्कार के पथ पर चलकर
श्रीराम जी पुरषोत्तम कहलाये |
मर्यादा में रहकर दुष्टो का नाश किये |
और जीवन सीख जगत के सामने रखा |
तभी वो मर्यदा पुरषोत्तम हुये |
ऐसा हो बालक की समाज में ये नई |
उदाहरण बने सबको साथ लिये,
समाज का नव निर्माण करे |
संस्कार से ही ये सब सभंव होते है |
पालक ज़ब बच्चों को सही शिक्षा देते है |
तब सही राह पर चलकर वो समाज,
को भी सरल सहज़ बनाते है |
सही समय पर सही राह दिखाकर |
अपने बच्चों का भविष्य सुधारिये |
भारत की ये धरती पावन,
सही संस्कार दे उन्हें राम कृष्ण जी |
जैसा बनाइये |
संस्कार ही जीवन आधार है |
इससे बच्चों का होता उचित विकास है |
भावर्थ _ संस्कार का महत्व
रचनाकार _ सावित्री यादव "सावि "
बिलासपुर छ. ग.
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