मीनाक्षी अवस्थी 'छाया'
बिलासपुर, छत्तीसगढ़।
विषय.....मुंशी प्रेमचंद जी
गोदान ,गबन अरु कर्मभूमि, प्रेमाश्रम,के हैं रचनाकार,
रँगभूमि,निर्मला सहित, लिख सेवासदन दिशा उद्गार।
जुड़ जमीन से लिखा गाँव की,छोटी- छोटी बढ़ती बात,
बूढ़ी काकी, पंच परमेश्वर, कफन कहानी पूस की रात।
धनपत राय नाम था असली,किंतु रखा मुँशी प्रेमचँद,
स्वाधीनता सँग्राम की खातिर, लिखे थे जब थे जेल में बँद।
कालजयी साहित्यकार की,अमर लेखनी यश पाए,
अँधकूप से बाहर आकर, जगत रोशनी झलकाए।
आज याद करते हैं हम सब,उन्हीं विचारक की 'छाया',
पराधीन भारत में रहकर, स्थापित की है माया।
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