नाम: बलजीत सिंह बेनाम
ज़िला- हिसार(हरियाणा)
शीर्षक: मज़हबी दंगे कराता कौन है
ग़ज़ल
मज़हबी दंगे कराता कौन है
मुफ़लिसों के घर जलाता कौन है।
जब ख़ुदा है ही नहीं तो दोस्तों
हर मुसीबत से बचाता कौन है।
बल्ब के प्रकाश पर सबकी नज़र
जुगनुओं को आज़माता कौन है।
हो गया ऊँचे मकानों का चलन
खोल कर खिड़की बुलाता कौन है।
इस तसव्वर ने किया पागल मुझे
मेरे दुश्मन को सताता कौन है।
स्वरचित
बलजीत सिंह बेनाम
हाँसी 125033
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