जिला कोरबा छत्तीसगढ़
विधा - कविता
शीर्षक-" सावन की छटा "
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सावन की छटाओं संग
रिमझिम फुहारों संग
प्रेमी विहंगम संग
नदियों की लहरों संग
तन मन भिगोई धरती
गोरी के उमंगों संग
हरियाली चूनर ओढ के धरती ;
लहराई अब अलियों संग ।
गोमती सिंह
ब्याख्या-- ग्रीष्म की तपन के बाद सावन के आते ही किस तरह प्रकृति खिल जाती है इसी का वर्णन कर रही है ।
गोमती सिंह
कोरबा छत्तीसगढ़
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