°रचनाकार~एच-एस-अरमो "अरमान
°निवास ~रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
°जिला ~रायपुर ।
°शीर्षक ~''' मन की मुराद '''
°विधा ~ छंद-मुक्त ,कविता ।
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○<~>°°मन की मुराद °°<~>○
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खुशियों के, चाहत के---
कुछ फूल, तुम पे,
अर्पित कर दूँगा,
सबके सामने,उजागर कर दूँगा।।01।।
वो वक्त तो,आने दो यारों,
अभी मत पूछो,मुझसे यारों,
मैं कितना प्यासा हूँ,कबसे यारों।।02।
वो फूल,मैंने,जो इकट्ठे किए हैं,
बड़ी मेहनत-जतन से,
और तो,बड़ी हसरत से ।।03।।
उन फूलों को---
प्रभु-चरणों में चढ़ाउँगा ,
और अपनी,मन की,
मुराद पूरी होने की,
जब,ढेरों खुशियां,अपने में पाऊँगा।04।।
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व्याख्या:--उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि मैं इस कविता में मन ही मन ईश्वर से प्रार्थना है कि मेरी मुराद पूरी कर दोगे तो खुशियों में तन-मन न्योछावर कर दूंगा।
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●{☆<मौलिक--प्रस्तुति ======
एच-एस-अरमो "अरमान "रायपुर ।
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