नाम :- संजय कुमार साहू
जिला:- बालोद
राज्य :- छत्तीसगढ़
विधा :- कविता
शीर्षक :- पहला कदम जरूरी है ।
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पहला कदम जरूरी है
लाख सोच ले मंजिल पाने की ,
कर मन्नते दुनिया को जीत जाने की ,
कितना ही सोच ले लोगो से आगे बढ़ जाने की ,
पर जैसे बिन आग जलाए रोटी बनाना अधूरी है ,
वैसे ही सफलता के लिए लाख देख ले ख्वाब तू पर पहला कदम जरूरी है।।
चाहत तेरी आसमान को छूने की ,
बनकर रॉकेट आसमान को चीर देने की ,
मानता हूं विश्वास तुझमें है बड़ी,
पर उससे पहले जमीन पर चलना सीखना भी जरूरी है ,
लाख देख ले तू ख्वाब ,
पर पहला कदम जरूरी है ,
चाहता अगर तू मकान बनाना ,
इंटो को जोड़कर दीवार बनाना ,
चाहता है तू रंग रोगन से घर सजाना ,
यद्यपि नींव डाले बगैर तो यह ख्वाब भी अधूरी है।
लाख देख ले तू ख्वाब पर पहला कदम जरूरी है।।
चाहता हूं मै गीत गुनगुनाना ,
अपनी रचना लोगो को सुनाना,
जानता हूं कर सकता हूं ,
पर ये करने के लिए अभ्यास जरूरी है।
लाख देख ले तू ख्वाब पर पहला कदम जरूरी है।।
:-संजय कुमार साहू:-
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