Friday, July 24, 2020

कोरबा छत्तीसगढ़ से देवब्रत'देव 'जी की कविता:- तमाशा बना जी तुम्हारी गली में

कवि-देवब्रत'देव'
जिला-कोरबा(छत्तीसगढ़)
शीर्षक-तमाशा बना जो तुम्हारी गली में

            ग़ज़ल
 तमाशा बना जो तुम्हारी गली में।
निकलने से डरने लगा रोशनी में।

है रूठा हुआ मुझसे मेरा ख़ुदाया
कमी रह गई क्या मेरी बन्दगी में।

सियासत पे जबसे कदम पड़ गये हैं
बहुत फ़र्क आया फिर उस आदमी में।

नहीं पास मेरे वही माँगते हो
था दिल एक वो भी गया दिल्लगी में।

मुहब्बत का मारा ग़ज़ल कह रहा है
तभी दर्द कहता है हर शायरी में।

देवब्रत'देव'
कटघोरा छत्तीसगढ़

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